सोमवार, 30 मार्च 2020

दोहा / दिनेश श्रीवास्तव



दोहा-छंद

           "अपना भारत देश"
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सभी स्वस्थ सानंद हों,ईश हरे त्रय ताप।
विकट समय है देश का,मिटे सभी संताप।-१

कभी अँधेरा था कहाँ,इतना बड़ा महान।
रोक सका है आज तक,होता रहा विहान।।-२

संचित भारत देश में,पुन्य प्रसून अगाध।
भष्म सभी होंगे यहाँ, इनसे शीघ्र निदाध।।३


ऋषि मुनियों की भूमि है,अति पवित्र यह देश।
इसके कण कण में भरा,जिजीविषा संदेश।।-४

धैर्य धरा धरती यहाँ,रत्नों की है खान।
पूरित करती है सदा,खान पान अनुपान।।-५

गंगा जल से है जहाँ, बनता अमृत योग।
रोग शोक शीतल करे,करता सदा निरोग।-६

देता हो जिस देश को,सूरज  दिव्य प्रकाश।
निश्चित ही होगा यहाँ, कृमि अणुओं का नाश।।-७

पवन जहाँ इस देश को,देता मलय समीर।
आशंका निर्मूल है,होगा स्वस्थ शरीर।।-८

पत्ता पत्ता है जहाँ, औषधि का भंडार।
देने को आतुर सदा,वृक्ष हमे उपहार।।-९

ऐसे भारत देश में,होगा शीघ्र विनाश।
यहाँ गले में आज जो,फँसा 'कोरोना' फाँस।।-१०

कुछ दिन की ही बात है,घर मे रहो 'दिनेश'।
शीघ्र स्वस्थ हो जाएगा,अपना भारत देश।।-११

                     दिनेश श्रीवास्तव

                     २९ मार्च २०२०
                         7.०० सायं

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